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तेरी रहमत पे मेरे गुनाहों को नाज़ है

‌ بسم الله الرحمن الرحيم(الله رحمت کرنے وآلہ ہے)

جب دانت نہ تھے تو دُودھ(چندرمہ) دیا کیا اَب کھانے(زر و مایا-شنیچر+شُکر) کو نہ دیگاـ

परमात्मा दयालू, आनन्द स्वरूप व सर्वत्र विराजमान है॥

जब दांत न थे तो दूध(चंदरमा) दिया, क्या अब खाने(माया ओ जर-शुकर, शनी) को न देगा॥
       परमात्मा लाख लाख तेरा शुकर है

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