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गर्भ कुंडली

गर्भ कुंडली बनाने के कुछ रहस्य-हमल का सही समय पता करना.
औरत जब गर्भ धारण करती है उससे पहले हुये २ माहवारी की तारीख़ का पता करो ,उन तारीख़ो में जितना फऱक हो-अमूमन माहवारी २८ वें दिन होती है पर कमजोर औरतों को जल्दी जल्दी भी हो जाती है। दोनो माहवारी की तारीख़ो में जितने दिन का फऱक हो, उसे दस से ज़रब-गुणा कर दें, जितने भी हिन्दसा मिले- वही दिन बच्चे का जन्म दिन होगा इस तरीके से सूरज के साथ साथ बाकी गरह व यहाँ तक कि चंदर भी स्पष्ट हो जावेगा॥
        मसलन 27 दिन का फऱक मालूम चले तो २७×१०=२७० हुआ, यानि जिस औरत की गर्भ से पहले हुई दो माहवारी में २७ दिन का फऱक होगा उस औरत का बच्चा २७० वें  दिन(नौवें महीने) पैदा होगा।ये पक्के असूल हैं॥
      अब जिस दिन/जिस समय बच्चे जनम हो वहाँ से २७० तारीख़ पीछे घुमावें व जो २७० दिन पीछे जाकर जो भी तारीख आवे वही तारीख़ बच्चे की गर्भ में ठहरने का तारीख़ होगी।
        अब जिस दिन बच्चे का जनम होवे, उसी दिन जिस समय बच्चे का जन्म हो/वही समय बच्चे का गर्भ में ठहरने का समय होगा॥
         अब औरत जहाँ गर्भवती हुई वही जनम का स्थान होगा मसलन औरत अगर अमेरिका में गर्भवती हुई व बच्चे को जनम इंडिया में आकर दिया तो भी बच्चे की गर्भ कुंडली में जनम स्थान अमेरिका ही माना जावेगा॥
   गर्भ कुंडली से जिन्दगी के हालात के बारें में और भी बेहतर तरीके जाना जा सकता है॥
(Copy &Pest वाले मित्रों से मेरी अनुरोध है कि यह तरीका मैने लालकिताब की रोशनी व अपने निजी अनुभव से जो मैनें महसूस किया है, उसे पूरी इमानदारी से आप सभी ज्योतिष प्रेमियों के सामने रखा है/काॅपी पेस्ट करने वाले ज़नाब हर तरह के सवाल-जवाब के लिये खुद जिम्मेवार होंगे)
धन्यावाद
نجومی دلجیت سنگھ
(Najoomi Daljiet Singh)

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