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क़ाग रेखा व् मच्छ रेखा (Crow Line & Fish Line) लाल किताब

क़ाग रेखा (CROW LINE)    

(क़ाग रेखा जितनी साफ़ व् मुक़म्मल हो उतना ही मन्दा होगा)
काग रेखा सब कुछ उड़ावे *
अगर खाना नम्बर 7 या 10 खाली न हो -या इन घर में शनि राहु केतु बुध न हो।
शनिचर मन्दा (सूरज मंगल बृहस्पति )के साथ दृष्टि में हो मंगल बद व् सनीचर  1 में या शुक्र 1में हो ------मंगल+बुध मुश्तरका हो या सनीचर खाना नम्बर 5 में हो तो  गुरु+शनिचर 1 में हो तो किस्मत का हाल मन्द क़ाग़ रेखा [जितनी रेखा /निशान प्रबल उतना ही मन्दा हाल जमाना-ए-किसमत] होगा।  केतु राहु अमूमन नीच घरों में होंगे यानि की राहु 12 9 केतु 3 6।। मंगल जब सनीचर से दुश्मनी पर उतारू हो जावे साथ ही बुध का संबंध भी हो जावे तो सबसे मन्द क़ाग़ रेखा होगी-【क़ाग़ रेखा मन्दे सनीचर की रेखा है】बुध सनीचर (दोनों गुरु के दुश्मन ) खाना नम्बर 9 यानि कलाई पर होने से से सबसे मन्दी काग रेखा होगी। पापी ग्रह मन्दे से मुराद काग रेखा है।
इतना याद रहे की काग रेखा का वही प्रभाव है जो मंगल बद 8 का है ।। अगर आँख हमेशा जलती रहे तो औरत धन का बुरा हाल व् औलाद निर्धन होगी व् सुख का सागर हल्का होगा ।।


#मच्छ रेखा (FISH LINE OR CROCODILE LINE)

(मच्छ रेखा जितनी मुक़म्मल होगी उतना ही नेक फल होगा)
          【सब कुछ बनावे】गरीब को धन अमीर को तख़्त बड़ा परिवार सब कुछ आबाद लोह लंगर चलता रहे।

*अगर सनीचर उम्दा हो -खाना नम्बर 7 व् 10 खाली हो या इन घरों में पापी (राहु केतु मय बुध बैठे हो ) या गुरु+सनीचर 7/12  व् चन्द्र या शुक्र या मंगल कायम हो तो मच्छ रेखा कायम होगी पर दो 7 या 12 टेवे में हो व् चन्द्र/शुक्र/मंगल नीच या नष्ट होवे व् वर्षफल कुंडली में इन तीनो (चन्द्र मंगल शुक्र )से कोई भी तख़्त (लग्न में) पर बैठ जावे तो मच्छ रेखा का प्रभाव कम हो जाएगा
मंगल(नेक)+शनिचर मुश्तरका से राहु उच्च हो मंगल 6 10 12 हो - पापी ग्रह मन्दे ना हो तो  इससे मुराद मच्छ रेखा होगी।। मच्छ रेखा बृहस्पति की है।।

[मच्छ रेखा व् काग रेखा इल्मे नजूम (ज्योतिष) की बुनियाद पर खाना नम्बर 9 यानि कलाई के पास ही माना है- चन्दर शुक्कर बुर्ज  के बीच में -और कहि नही)


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