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लाल किताब में ग्रहों की दृष्टियां


इल्मे ज्योतिष लाल किताब में दृष्टि (नज़र)का बहुत ही महत्व है ।
लाल किताब ज्योतिष में ग्रह की दृष्टि या भाव की दृष्टि वैदिक पद्धति से भिन्न है ।लाल किताब में लिखा है
1 7 घर, 4 10 पूर्ण दृष्टि होती है ।
5 9, 3 11 आधी दृष्टि होती है ।
8 6, 2 12 बैठे नजर चौथाई रखते हैं।
केतु  राहु बुध की नाली, लेख जुदा ही रखते हैं।।
इसे अगर हम ध्यान से पढ़े तो पता चलता है कि
खाना नंबर 1 खाना नंबर 7 को 100 पर्सेंट की नजर से देखता है ।
खाना नंबर 4 खाना नंबर 10 को 100 पर्सेंट की नजर से देखता है ।
खाना नंबर 3 50% की नजर से खाना नंबर 9 खाना नंबर 11 को देखता है ।
खाना नंबर 5 50% नजर से खाना नंबर 9 को देखता है।
खाना नंबर दो 25% की नजर से खाना नंबर 6 को देखता है ।
खाना नंबर से 25% की नजर से खाना नंबर 12 को देखता है ।
खाना नंबर 8 25% की नजर से खाना नंबर 12 को देखता है ।
100%की दृष्टि नज़र की हालत में एक ग्रह दूसरे के ज्यादा  नज़दीक आ जाते हैं या मिल जाते हैं ।
50% की नजर में इनके बीच का फासला आधा हो जाता है या दोनों की आधी ताकत आपस में मिल जाती है।
25% की नजर में इनके बीच का फासला 3/4  रह जाता है और 1/4 ताकत आपस में मिल जाती है।
इसके अलावा कुछ विशेष नियम है जिसके बारे में लाल किताब में इस तरह जिक़र है ।
घर उल्टा 8 दूजे होवे ,ना देखें पांच 11 घर ।
बुध 12-6 , 9-3 मारे ,सनी 6 से दूसरा घर।।
इसका अर्थ है खाना नंबर 8 उल्टा देखकर खाना नंबर 2 को देखता है और सौ प्रतिशत प्रभाव डालता है।
अगर बुध खाना नंबर 12 में हो तो अपना प्रभाव खाना नंम्बर 6 में भी डालता है ।
बुध अगर खाना नंबर 9 में हो अपना प्रभाव खाना नंबर 3 में भी डालता है ।
सनी अगर खाना नंबर 6 में हो तो अपना प्रभाव दूसरे घर में भी डालता है ।
साधारण तौर पर कुंडली के 7 9 10 11 12 में स्थित ग्रह अपनी दृष्टि नही रखते।

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